📅 तारीख और लोकेशन
13 मई 2025 की सुबह दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के शुकरू/केलर जंगल क्षेत्र में सेना, जम्मू‑कश्मीर पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम ने घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। इस अभियान की सक्रिय तलाश पूर्व में पहलगाम हमला करने वाले आतंकियों की थी ।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!🧠 खुफिया जानकारी की भूमिका
एक राष्ट्रिय राइफल्स यूनिट को मिली गुप्त सूचना के आधार पर ऑपरेशन “क Keller” को अंजाम दिया गया। आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की गई ।
🔫 मुठभेड़ की रूपरेखा
तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू की—जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने जबाव में जवाबी कार्रवाई की। इस जबरदस्त मुठभेड़ में तीन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकवादी ढेर कर दिए गए ।
🪖 कौन थे मारे गए आतंकवादी?
- शाहिद कुट्टे, स्थानीय निवासी: मार्च 2023 में लश्कर में शामिल हुआ था। Heirpora में बीजेपी सरपंच की हत्या (18 मई 2024) और कुलगाम में TA जवान की हत्या (3 फरवरी 2025) में शामिल था ।
- अदनान शफी डार, वांडूना मेलहोरा निवासी: अक्टूबर 2024 में शामिल हुआ था और वाची इलाके में गैर‑स्थानीय मजदूर की हत्या (18 अक्टूबर 2024) में शामिल था ।
- तीसरे आतंकवादी की पहचान अभी जारी है; तलाशी अभियान अभी भी जारी रखा गया ।
🧱 हथियार और गोला-बारूद जब्त
मुठभेड़ के बाद राहत भरी खबर तब आई जब सेना ने आतंकियों के पास भारी मात्रा में हथियार—AK सीरीज राइफल, ग्रेनेड, गोलाबारूद और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया ।
🎯 रणनीतिक महत्व
यह अभियान “ऑपरेशन सिंदूर” (7 मई 2025 को पाकिस्तान और PoK के आतंकी शिविरों पर कार्रवाई) के बाद कश्मीर में आतंकी नेटवर्क को तहस-नहस करने की रणनीति की अगली कड़ी है। ऑपरेशन Keller के ज़रिए सुरक्षा बलों ने घाटी में आतंकवाद की साज़िशों को नाकाम करने की अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट की है ।
🤝 आश्वासन और चुनौतियाँ
सेना ने इलाके में तलाशी और सुरक्षा बढ़ाई है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई और आतंकी क्षेत्र में मौजूद न हो । इसी के साथ इंटरनेट सेवाओं में आंशिक बाधा पैदा हुई और लोगों से संयम बरतने की अपील की गई ।
🔍 इस अभियान का सार
- तीन आतंकवादी ढेर — ऑपरेशन Keller के दौरान मारे गए, जिनमें दो की पहचान हो चुकी है।
- भारी हथियार जब्ती — AK राइफल, ग्रेनेड और गोलाबारूद सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद।
- खुफिया समर्थन — ऑपरेशन की शुरुआत सूचना आधारित थी।
- प्रतिक्रिया कार्रवाई — पहलगाम हमले का त्वरित और जबरदस्त जवाब।
इस मिशन को सुरक्षा एजेंसियों द्वारा काउंटर–टेरर ऑपरेशन में बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने घाटी में स्थिरता बहाल करने और आतंकवादियों को लगाम लगाने की दिशा में एक ठोस कदम रखा है।

