AI न्यूड फोटो ब्लैकमेलिंग: नाबालिगों के लिए बढ़ता डिजिटल खतरा
AI न्यूड फोटो ब्लैकमेलिंग: नाबालिगों के लिए बढ़ता डिजिटल खतरा

AI न्यूड फोटो ब्लैकमेलिंग: नाबालिगों के लिए बढ़ता डिजिटल खतरा


डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जहां तकनीकी तरक्की का प्रतीक बन रहा है, वहीं इसका गलत इस्तेमाल गंभीर अपराध को जन्म दे रहा है। AI न्यूड फोटो ब्लैकमेलिंग आज एक बड़ा साइबर खतरा बन चुका है, खासकर नाबालिगों के लिए। इस अपराध में AI टूल्स की मदद से किसी बच्चे की सामान्य तस्वीर को अश्लील या न्यूड रूप में बदल दिया जाता है। इसके बाद पीड़ित को डराकर पैसों की मांग की जाती है।


हाल के महीनों में ऐसे मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। अपराधियों को असली फोटो की जरूरत नहीं होती। वे सोशल मीडिया से ली गई किसी भी तस्वीर को AI से बदल देते हैं। डर और शर्म के कारण कई बच्चे यह बात किसी से साझा नहीं कर पाते। यही वजह है कि AI न्यूड फोटो ब्लैकमेलिंग मानसिक तनाव और अवसाद का कारण बन रही है।


डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अपराधों से निपटने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। माता-पिता और स्कूलों को बच्चों को यह समझाना होगा कि ऑनलाइन धमकी मिलने पर चुप रहना समाधान नहीं है। समय पर शिकायत करने से बड़ी अनहोनी को रोका जा सकता है।


Nandita Sinha | Akhbaar Ekta

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. AI न्यूड फोटो ब्लैकमेलिंग क्या है?
यह एक साइबर अपराध है, जिसमें AI से फर्जी न्यूड तस्वीरें बनाकर पैसे वसूले जाते हैं।
Q2. इसके शिकार कौन होते हैं?
ज्यादातर 14–17 वर्ष के नाबालिग बच्चे इसके निशाने पर होते हैं।
Q3. इससे कैसे बचा जा सकता है?
सोशल मीडिया प्राइवेसी मजबूत रखें और किसी भी धमकी की तुरंत शिकायत करें।