लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान नरवणे किताब विवाद अचानक राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया। नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की कथित किताब का हवाला देते हुए चीन और सीमा सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। राहुल गांधी के बयान के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। सत्ता पक्ष ने आरोपों को तथ्यहीन बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस किताब का जिक्र किया जा रहा है, वह अभी प्रकाशित नहीं हुई है। ऐसे में उसके आधार पर आरोप लगाना उचित नहीं है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सरकार का कहना है कि नरवणे किताब विवाद को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। वहीं विपक्ष का तर्क है कि अगर सीमा से जुड़ी चिंताएं सामने आ रही हैं, तो उन पर खुली चर्चा होनी चाहिए। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। संसद में हुई इस बहस ने यह साफ कर दिया कि नरवणे किताब विवाद संसद के भीतर केवल एक किताब का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक जवाबदेही से भी जुड़ा है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. नरवणे किताब विवाद क्या है?
पूर्व आर्मी चीफ की कथित किताब के हवाले से संसद में उठे सीमा सुरक्षा से जुड़े राजनीतिक विवाद को नरवणे किताब विवाद कहा जा रहा है।
Q2. राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि किताब में चीन की सीमा घुसपैठ का जिक्र है और सरकार सच्चाई छिपा रही है।
Q3. सरकार का जवाब क्या है?
सरकार ने कहा कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है, इसलिए आरोप तथ्यहीन हैं।

