मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़, देवी की डोली और भक्ति भाव से भरा वातावरण, उत्तराखंड की पारंपरिक झलक
मां अनुसूया देवरा यात्रा के बाद मंदिर में वापसी का भावुक दृश्य

मां अनुसूया देवरा यात्रा | 6 माह बाद गर्भगृह में वापसी, भावुक हुए श्रद्धालु


मां अनुसूया देवरा यात्रा | 6 माह बाद मंदिर में वापसी

चमोली जिले की मंडल घाटी में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब मां अनुसूया देवरा यात्रा के छह माह पूरे होने के बाद देवी को फिर से मंदिर के गर्भगृह में विराजमान किया गया। यह यात्रा 51 वर्षों बाद आयोजित हुई, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ गया। हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।दशहरे के दिन शुरू हुई मां अनुसूया देवरा यात्रा में देवी की डोली ने बद्रीनाथ और केदारनाथ सहित कई पवित्र स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान भक्तों ने हर पड़ाव पर पूजा-अर्चना की और अपनी मनोकामनाएं मांगीं। 17 अप्रैल को यात्रा खल्ला गांव वापस पहुंची, जहां 19 अप्रैल से महायज्ञ का आयोजन हुआ।महायज्ञ की पूर्णाहुति के बाद देवी को गर्भगृह में स्थापित किया गया। इस दौरान श्रद्धालु भावुक नजर आए। कई लोगों की आंखें नम थीं, क्योंकि वे इस ऐतिहासिक यात्रा के समापन का हिस्सा बन रहे थे

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: मां अनुसूया देवरा यात्रा क्या है?
उत्तर: यह एक धार्मिक यात्रा है जिसमें देवी की डोली विभिन्न स्थानों पर भ्रमण करती है।
प्रश्न 2: यह यात्रा कितने समय तक चलती है?
उत्तर: मां अनुसूया देवरा यात्रा करीब छह माह तक चलती है।
प्रश्न 3: इस यात्रा का महत्व क्या है?
उत्तर: यह यात्रा आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक मानी जाती है।

Prem Chand | Akhbaar Ekta