पश्चिमी सिंहभूम जिले को अफीम की फसल से पूरी तरह से मुक्त करने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत जिले के स्वशासन व्यवस्था से जुड़े मानकी मुंडाओं का सहयोग लिया जा रहा है। जिले के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक के द्वारा वैसे इलाकों में मानकी मुंडाओं के साथ बैठक कर उन्हें अफीम की फसल के नुकसान एवं उसके दूरगामी दुष्परिणामों के बारे में बताया जा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जिला प्रशासन ने यह घोषणा भी की है कि अफ़ीम की फसल को त्यागने वाले किसानों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। उपायुक्त की ओर से मानकी मुंडाओं से यह अपील भी की गई है कि वह अपने इलाकों में ऐसे किसानों को चिन्हित कर उन्हें सम्मानित करें जिन्होंने अफ़ीम की फसल को त्याग दिया है।
उल्लेखनीय है कि इस व्यापक अभियान के दौरान इस जिले में अब तक 400 एकड़ से अधिक भूमि पर लगी अफ़ीम की फसल को नष्ट किया गया है। उम्मीद की जा सकती है कि इस व्यापक अभियान का असर जिले के दूर दराज के किसानों पर पड़ेगा और इस नशीले पदार्थ के उत्पादन से जिले को मुक्त किया जा सकेगा।

