हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किसानों और बागवानों के भूमि संबंधित मसलों पर सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर कानूनी पहलुओं की गहन समीक्षा की जाएगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से टीएन गोदावर्मन मामले में प्रदेश सरकार की सक्रिय भूमिका की बात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार को पार्टी बनाया जाएगा और इसके लिए शीर्ष वकीलों से पैरवी की जाएगी।
इससे पूर्व, हिमाचल किसान सभा और सेब उत्पादक संघ के सदस्यों ने शिमला में पंचायत घर से विधानसभा के बाहर चौड़ा मैदान तक मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। किसानों ने कृषि भूमि के नियमितीकरण, बेदखली और अन्य भूमि संबंधित मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री को 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें भूमि अधिकार, वन अधिकार और अन्य संबंधित विषय शामिल थे।
कुलदीप तंवर, अध्यक्ष हिमाचल किसान सभा, ने कहा कि प्रदेश में किसानों के खिलाफ बेदखली की मुहिम एक गंभीर समस्या बन गई है, जो विभिन्न कानूनों और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के कारण उत्पन्न हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इन मुद्दों पर शीघ्र बैठक बुलाने और ठोस कदम उठाने की मांग की।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने किसानों और बागवानों को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और सभी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए प्रयासरत है।