CJP विरोध मार्च को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और कई युवाओं को गंभीर चोटें आईं। रंका ने दावा किया कि कुछ स्वयंसेवकों के सिर फूट गए, कई लोगों को सड़कों पर घसीटा गया और एक वॉलंटियर की पसलियां भी टूट गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। रंका के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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CJP विरोध मार्च को लेकर उन्होंने सरकार के साथ हुई पांच घंटे की बैठक पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि बैठक में कोई ठोस जवाब नहीं मिला और पूरा समय व्यर्थ चला गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बातचीत करना चाहती है तो अब उसे आंदोलन स्थल पर आकर संवाद करना होगा। रंका ने दोहराया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के बाद CJP विरोध मार्च को और अधिक समर्थन मिलेगा तथा देशभर से लोग दिल्ली पहुंचेंगे।
यह खबर संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। इस मामले में दिल्ली पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
FAQ (हिंदी)
Q1. CJP विरोध मार्च किस मुद्दे को लेकर था?
यह मार्च संगठन की विभिन्न मांगों और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का हिस्सा था।
Q2. आशुतोष रंका ने क्या आरोप लगाए?
उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाया।
Q3. सरकार के साथ बैठक का क्या नतीजा निकला?
रंका के अनुसार, पांच घंटे की बैठक के बाद भी कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
