बिहार में बीपीएससी (बिहार लोक सेवा आयोग) परीक्षाओं में पारदर्शिता और प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर परीक्षार्थियों ने पटना के गांधी मैदान में विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भी शामिल होकर छात्रों का समर्थन किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्य बिंदु:
- प्रदर्शन का कारण: बीपीएससी परीक्षार्थियों का आरोप है कि आयोग की परीक्षा प्रक्रिया में बार-बार गड़बड़ियां हो रही हैं। प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा में देरी, और परिणाम में धांधली जैसी समस्याओं ने छात्रों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है।
- प्रशांत किशोर का समर्थन: प्रशांत किशोर ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर कहा कि यह आंदोलन युवाओं के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने राज्य सरकार से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।
- छात्रों की मांगें:
- परीक्षा प्रक्रिया को दुरुस्त किया जाए।
- प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जाए।
- परीक्षा परिणाम में पारदर्शिता लाई जाए।
- परीक्षाओं के आयोजन में देरी को समाप्त किया जाए।
प्रदर्शन का माहौल:
गांधी मैदान में हजारों की संख्या में परीक्षार्थी शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों के हाथों में तख्तियां और बैनर हैं, जिन पर लिखा है, “हमें न्याय चाहिए” और “शिक्षा प्रणाली में सुधार करो।”
सरकार की प्रतिक्रिया:
बिहार सरकार ने इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। साथ ही, बीपीएससी के अधिकारियों को तलब कर जल्द समाधान निकालने के निर्देश दिए गए हैं।
छात्रों की बातें:
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा, “हमने वर्षों मेहनत की है, लेकिन सिस्टम की खामियों के कारण हमारा भविष्य अंधकार में जा रहा है। हम जब तक अपनी मांगें पूरी नहीं करवा लेते, तब तक यहां से नहीं हटेंगे।”
निष्कर्ष:
यह आंदोलन बिहार की परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को उजागर करता है। छात्रों और सरकार के बीच संवाद और समस्या का समाधान समय की मांग है। यह देखना होगा कि सरकार इन मांगों को कैसे पूरा करती है।

