नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी की सांसद डिम्पल यादव मार्च के दौरान पार्टी के अन्य सांसदों के साथ संसद से जंतर-मंतर तक पैदल पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए केंद्र सरकार पर संवाद से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश का युवा अपनी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना चाहता है, लेकिन उनकी बात सुनने की बजाय अनदेखा किया जा रहा है। मीडिया से बातचीत में दिम्पल यादव ने कहा कि कई छात्र पहले भी अपनी चिंताएं सामने रख चुके हैं। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भी सरकार से बातचीत की अपील की है। इसके बावजूद कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद सबसे महत्वपूर्ण माध्यम होता है।
यदि सरकार युवाओं की आवाज नहीं सुनेगी तो असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है।
डिम्पल यादव ने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं दिख रही और इसका सबसे अधिक असर छात्रों तथा युवाओं पर पड़ रहा है। समाजवादी पार्टी का कहना है कि वह छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। पार्टी सांसदों का यह मार्च उन्हीं मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को अपनी बात रखने और सरकार से जवाब मांगने का अधिकार है।
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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संसद सत्र के दौरान विपक्ष लगातार
युवाओं से जुड़े विषयों को उठाकर सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहा है।
ऐसे में डिम्पल यादव मार्च को भी विपक्ष की इसी राजनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

