जे.पी. नड्डा की पुणे में संतोष जगदाले के परिवार से मुलाकात — हमला बर्दाश्त नहीं

जे.पी. नड्डा की पुणे में संतोष जगदाले के परिवार से मुलाकात — हमला बर्दाश्त नहीं


केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, जो शनिवार को पुणे में कई कार्यक्रमों में शामिल हुए, उन्होंने शाम को पहलगाम आतंकी हमले के शिकार संतोष जगदाले के परिवार से उनके निवास स्थान पर मुलाकात की। इस दर्दभरे अवसर पर नड्डा ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और शहीद संतोष की याद में श्रद्धांजलि अर्पित की ।

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🕊️ घर पर शोकसभा

  • नड्डा ने जगदाले परिवार के साथ करीब 6:45 बजे करवे नगर स्थित उनके घर में मुलाकात की।
  • इस दौरान परिवार के सदस्यों की भावनाओं को समझते हुए उन्होंने कहा कि देश इस दर्द की गहराई को महसूस करता है ।
  • वहीं, उन्होंने कहा कि सरकार दोषियों को सबक सिखाने के लिए हर संभव क़दम उठा रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “पहलेगाम हमले की संगीन घटना का उत्तर उचित रूप से दिया जाएगा।”

✝️ शहीद संतोष जगदाले और पंडित गुमबोटे की याद

  • नड्डा ने संतोष जगदाले और साथ ही दूसरे पुणे निवासी शहीद कौस्तुभ गुमबोटे के परिवारों से मोकबिल की।
  • उनकी तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
  • उन्होंने साझा किया कि पूरे देश की जनता इस भयावह और निर्दयी आतंकी हमले से स्तब्ध है ।

🛡️ नेता का संदेश—कड़क जवाब की उम्मीद

  • नड्डा ने संवाददाताओं से कहा: “इस नृशंस और अमानवीय हमला की हम सख्त निंदा करते हैं। देश की उम्मीदें प्रधानमंत्री मोदी से हैं कि हम इस घटना का कड़ा और संगठित जवाब देंगे।”
  • उन्होंने कहा कि ऊपर से लेकर नीचे तक, भारत में आतंकवाद के खिलाफ एक संकल्प दृढ़ है।

📿 पूजा-अर्चना से शुरू हुई यात्रा

  • दिन की शुरुआत नड्डा ने पुणे के प्रसिद्ध दग्दूशेठ गणपती मंदिर में जाकर की, जहाँ उन्होंने गणपति बप्पा से देशवासियों की सुरक्षा और न्याय की कामना की ।
  • मंदिर में उनकी उपस्थिति और सार्वजनिक संदेश ने उन्हें संतप्तीनिवासियों के बीच एक संवेदनशील नेता के रूप में पेश किया।

निष्कर्ष

जे.पी. नड्डा की यह यात्रा और परिवारों से मुलाकात व्यक्तिगत संवेदना और राजनीतिक विकल्पों का सम्मिश्रण दोनों दर्शाती हैं। यह न सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ ठोस रुख का संकेत है बल्कि संवेदनशील नेतृत्व की पुष्टि भी करती है। साथ ही, उनका संदेश स्पष्ट रहा कि भारत आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।