दिल्ली में सामने आया जय भीम कोचिंग घोटाला अब बड़ा मुद्दा बन चुका है। गरीब और मेधावी छात्रों को मुफ्त कोचिंग देने के लिए शुरू की गई योजना में करीब 38 करोड़ रुपये की अनियमितता का आरोप लगा है। इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने 9 कोचिंग संचालकों को गिरफ्तार किया है।जांच में पता चला कि कई कोचिंग संस्थानों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर छात्रों को दाखिला दिखाया।
इतना ही नहीं, कुछ मामलों में एक ही छात्र का नाम कई संस्थानों में दिखाकर भुगतान लिया गया। यही वजह है कि जय भीम कोचिंग घोटाला तेजी से चर्चा में आया।यह योजना 2017 में शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को UPSC, JEE और NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराना था। योजना के तहत छात्रों को मुफ्त कोचिंग के साथ 2500 रुपये का मासिक वजीफा भी दिया जाता था।हालांकि, जांच में सामने आया कि कुछ संस्थानों ने नियमों का उल्लंघन किया। इसके चलते सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ। अब इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. जय भीम कोचिंग घोटाला क्या है?
यह दिल्ली सरकार की कोचिंग योजना में फर्जी दाखिले और बिलिंग से जुड़ा घोटाला है।
Q2. कितनी राशि का घोटाला हुआ है?
जांच के अनुसार लगभग 38 करोड़ रुपये का मामला सामने आया है।
Q3. कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
अब तक 9 कोचिंग संचालकों को गिरफ्तार किया गया है।

