केदारनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने केदारनाथ धाम सुरक्षा को इस बार पूरी तरह हाईटेक बना दिया है। यात्रा मार्ग पर ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और एसओएस सिस्टम के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित अनुभव देना है।
रुद्रप्रयाग से केदारनाथ तक करीब 200 हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा पैदल मार्ग पर 16 सीसीटीवी कैमरे भी सक्रिय हैं। इससे केदारनाथ धाम सुरक्षा और मजबूत हुई है और बिछड़े यात्रियों को ढूंढना आसान होगा।
प्रशासन ने 14 एसओएस प्वाइंट भी बनाए हैं, जहां से नेटवर्क न होने पर भी कंट्रोल रूम से संपर्क किया जा सकता है। यह सुविधा आपात स्थिति में बेहद मददगार साबित होगी। वहीं 5 ड्रोन कैमरे लगातार निगरानी करेंगे।
भीड़ और ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए 300 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही घोड़ा-खच्चरों पर भी बारकोड और चिप लगाकर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
इन सभी उपायों से केदारनाथ धाम सुरक्षा को नई मजबूती मिली है और यात्रा को सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
FAQ
Q1. केदारनाथ धाम सुरक्षा में क्या नई व्यवस्था की गई है?
ड्रोन, CCTV कैमरे, SOS प्वाइंट और कंट्रोल रूम से निगरानी की जा रही है।
Q2. कितने पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं?
करीब 300 से अधिक पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए तैनात हैं।
Q3. SOS सिस्टम कैसे काम करता है?
नेटवर्क न होने पर भी यात्री सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं।

