DU में हिंदी जर्नलिज़्म में मास्टर्स कोर्स

DU में हिंदी जर्नलिज़्म में मास्टर्स कोर्स


दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातकोत्तर स्तर पर हिंदी पत्रकारिता (MA Hindi Journalism) के लिए नया कार्यक्रम 2025–26 सत्र में शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। इसे Hindi Journalism Day (30 मई) पर मंजूरी दी गई, जो 1826 में प्रकाशित प्रथम हिंदी समाचारपत्र उदंत मार्तण्ड को समर्पित है।

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🏛️ स्वीकृति और मंज़ूरी की प्रक्रिया

  • यह कोर्स DU के Standing Committee on Academic Matters (SCOAM) द्वारा 31 मई 2025 को स्वीकृत हुआ ।
  • अब इसे Academic Council से अंतिम अनुमोदन मिलना बाकी है ।

📚 पाठ्यक्रम और विभाग

  • यह कोर्स Faculty of Arts के अंतर्गत Department of Hindi में संचालित होगा और यह DU के Postgraduate Curriculum Framework (PGCF) के अनुरूप तैयार किया गया है ।
  • पाठ्यक्रम में पत्रकारिता के मूल ज्ञान, रिपोर्टिंग-पद्धति, संपादन, मीडिया नैतिकता, डिजिटल पत्रकारिता इत्यादि व आधुनिक उपकरणों का प्रशिक्षण शामिल होगा (पाठ्यक्रम विवरण अभी तैयार हो रहा है)।

🌐 भाषाई समावेशिता और भविष्य

  • हिंदी पत्रकारिता को मान्यता दिलाकर DU ने देश के बहुभाषी मीडिया युग को मजबूती देने का संकेत दिया है; यह कदम भाषाई समावेशिता और क्षेत्रीय भाषा पत्रकारिता को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है ।
  • अगले सत्र 2026–27 में इंग्लिश माध्यम में भी पत्रकारिता का मास्टर्स पाठ्यक्रम लाने की योजना है, जो Department of English के अंतर्गत प्रस्तावित है ।

🛠️ समवर्ती पाठ्यक्रम-प्रशोधन

  • DU ने हाल ही में कई UG और PG पाठ्यक्रमों में संशोधन और अपडेशन किया है:
    • जैसे BA (Education, Geography, Hindustani Music) के 7वें और 8वें सेमेस्टर ।
    • PG विषय (Philosophy, Economics, Geography, Sociology, Political Science, Mathematics) के नए पाठ्यक्रम भी SCOAM द्वारा अनुमोदित किये गए।

🌟 महत्व और आगामी प्रभाव

  1. भाषाई लोकतंत्र: हिंदी माध्यम से पत्रकारिता में स्नातक शिक्षा मिलने से हिन्दी-माध्यम छात्रों के लिए अवसर बढ़ेंगे।
  2. बाजार की ज़रूरत: क्षेत्रीय मीडिया में बढ़ती माँग को देखते हुए यह कोर्स पत्रकारिता पेशे को लोकतांत्रिक दृष्टिकोण से मजबूत करेगा।
  3. रूम फॉर ग्रोथ: अगले सत्र में अंग्रेजी मास्टर्स शुरू होने से DU में मीडिया निर्माण की विविधता और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

🧭 निष्कर्ष

DU की यह पहलकदमी 2025–26 से हिंदी पत्रकारिता में मास्टर्स शुरू करने के संदर्भ में अत्यंत महत्व रखती है। यह कदम केवल एक पाठ्यक्रम आरंभ नहीं है, बल्कि यह शैक्षणिक समावेश, भाषा-संस्कृति संरक्षण और प्रोफेशनल मीडिया तैयारी का एक सामूहिक संदेश भी है। जैसे ही Academic Council की अंतिम मंजूरी मिलेगी, यह कोर्स हिंदी पत्रकारिता के पूरे पहलुओं को सशक्त करने की दिशा में अग्रसर होगा।