जलवायु की रक्षा के लिए कार्रवाई नहीं करना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन

जलवायु की रक्षा के लिए कार्रवाई नहीं करना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन


संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत (इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस) ने कहा है कि अगर देश जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाते हैं तो यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना जा सकता है।

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