केरल विधानसभा में पीएम श्री योजना को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र की पीएम श्री योजना को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जबकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। सामान्य शिक्षा मंत्री एन. सामसुद्दीन ने सदन में स्पष्ट कहा कि सरकार ने अभी तक पीएम श्री योजना के कार्यान्वयन पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि मामला अभी समीक्षा के अधीन है। दूसरी ओर, विपक्ष के नेता पिनरई विजयन और भाकपा विधायक पी. प्रसाद ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
विपक्ष का कहना है कि यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) से जुड़ी हुई है और इसे लागू करना नई शिक्षा नीति को स्वीकार करने जैसा होगा। बहस के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को अनुमति नहीं दी। इसके विरोध में एलडीएफ सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। पीएम श्री योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य चुनिंदा सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडल स्कूलों के रूप में विकसित करना है। हालांकि, केरल में इस योजना को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
FAQ
प्रश्न 1: पीएम श्री योजना क्या है?
उत्तर: यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसके तहत चयनित स्कूलों को मॉडल है।
प्रश्न 2: केरल में विवाद क्यों हो रहा है?
उत्तर: विपक्ष का मानना है कि यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने से जुड़ी है।
प्रश्न 3: क्या केरल सरकार ने योजना लागू कर दी है?
उत्तर: नहीं, सरकार के अनुसार अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

