रेलवे टिकट रिफंड नियम 2026 में बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे यात्रियों को अब पहले से ज्यादा सावधानी रखनी होगी। भारतीय रेलवे के नए नियम के अनुसार, यदि कोई यात्री ट्रेन के समय से 8 घंटे के भीतर टिकट कैंसिल करता है, तो उसे कोई रिफंड नहीं मिलेगा। पहले यह सीमा 4 घंटे थी और उस समय कुछ राशि वापस मिल जाती थी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अब 24 घंटे से 8 घंटे के बीच टिकट रद्द करने पर ही 50% पैसा वापस मिलेगा। इससे कम समय बचने पर पूरा पैसा कट जाएगा। रेलवे ने यह कदम दलालों और एजेंटों द्वारा टिकट की जमाखोरी रोकने के लिए उठाया है।
इसके अलावा, यात्रियों को अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा दी गई है। यह सुविधा खासकर बड़े शहरों में रहने वाले यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
रेलवे ने यह भी साफ किया है कि यदि ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट होती है या कैंसिल हो जाती है, तो यात्री TDR के जरिए पूरा रिफंड पा सकते हैं। साथ ही, वेटिंग टिकट चार्ट बनने के बाद भी कन्फर्म न होने पर ऑटोमैटिक कैंसिल होकर पूरा पैसा वापस मिलेगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. रेलवे टिकट रिफंड नियम 2026 में क्या नया है?
अब 8 घंटे से कम समय में टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
Q2. कितने समय पहले टिकट कैंसिल करने पर पैसा मिलेगा?
24 से 8 घंटे के बीच कैंसिल करने पर 50% रिफंड मिलेगा।
Q3. क्या ट्रेन लेट होने पर पूरा पैसा मिलेगा?
हाँ, यदि ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट है तो पूरा रिफंड मिल सकता है।
Q4. बोर्डिंग स्टेशन कब तक बदल सकते हैं?
अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं।
