एम्स भोपाल का ट्रॉमा और इमरजेंसी विभाग: आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में उत्कृष्टता का नया अध्याय

एम्स भोपाल का ट्रॉमा और इमरजेंसी विभाग: आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में उत्कृष्टता का नया अध्याय


एम्स भोपाल का ट्रॉमा और इमरजेंसी विभाग: आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में उत्कृष्टता का नया अध्याय  कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में एम्स भोपाल के ट्रॉमा एवं इमरजेंसी चिकित्सा (TEM) विभाग में संरचनात्मक और संचालनात्मक सुधारों की एक श्रृंखला लागू की गई है, जिससे आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता, त्वरितता और पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

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इन व्यापक सुधारों के परिणामस्वरूप विभाग में मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो जनता के बढ़ते विश्वास का स्पष्ट संकेत है। वर्ष 2022 में TEM विभाग में कुल 36,696 मरीजों ने उपचार प्राप्त किया, जो वर्ष 2023 में बढ़कर 54,500 हो गया—यह 48.5% की वृद्धि है। इसके पश्चात वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 85,435 तक पहुंच गया, जो वर्ष 2023 की तुलना में 56.7% की अभूतपूर्व वृद्धि को दर्शाता है।

लगातार बढ़ती संख्या दर्शाती है कि एम्स भोपाल की इमरजेंसी सेवाओं को जनता ने कितनी गंभीरता और विश्वास के साथ अपनाया है। ट्रॉमा एवं इमरजेंसी विभाग में लागू किए गए प्रमुख सुधारों में 24×7 वरिष्ठ चिकित्सकों की ऑन-फ्लोर उपस्थिति, ‘नो रिफ्यूजल पॉलिसी’, समयबद्ध अंतरविभागीय प्रतिक्रिया तंत्र, रेफरल की ट्रैक की जाने वाली और दस्तावेजीकृत प्रणाली, और गंभीर मामलों की प्राथमिकता के लिए ऑफ-ऑवर के दौरान बाह्य रेफरलों की स्क्रीनिंग शामिल है।   इसके अतिरिक्त, स्थिर रोगियों को 48 घंटों के भीतर संबंधित विभागों में अनिवार्य रूप से स्थानांतरित किया जा रहा है ताकि बिस्तरों का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित हो सके।