उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार, 23 मई को एक हैरान करने वाली घटना घटी। सीबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर तैनात सहायक उपनिरीक्षक (ASI) वीरेंद्र सिंह पर एक व्यक्ति ने धनुष-बाण से हमला कर दिया। हमले में तीर उनके सीने में धंस गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपी की पहचान बिहार के मुंगेर जिले के निवासी दिनेश मुर्मू के रूप में हुई है, जो भारतीय रेलवे में जूनियर कर्मचारी रह चुके हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हमले की घटना
घटना उस समय हुई जब दिनेश मुर्मू ने सीबीआई कार्यालय के गेट पर तैनात ASI वीरेंद्र सिंह से मिलने की इच्छा जताई। जब सिंह ने उनसे पहचान पत्र पूछा, तो मुर्मू ने अंदर जाने की जिद की। मना करने पर वह कुछ दूर गए और फिर पास के पेड़ से धनुष-बाण लेकर सिंह पर हमला कर दिया। तीर उनके बाएं सीने में लगभग 5 सेंटीमीटर गहरा धंस गया। हमले के बाद मुर्मू ने दो और तीर चलाए, लेकिन वे निशाने से चूक गए। बाद में सुरक्षा कर्मियों ने मुर्मू को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
आरोपी का बयान
पुलिस पूछताछ में मुर्मू ने बताया कि वह पिछले दो महीनों से लखनऊ में था और सीबीआई अधिकारियों की तलाश कर रहा था। उसने कहा, “मैंने 1993 में रेलवे में एक भ्रष्ट कर्मचारी को पकड़ने में मदद की थी, लेकिन इसके बदले मुझे फंसाया गया और नौकरी से निकाल दिया गया। इसने मेरी जिंदगी और परिवार को बर्बाद कर दिया। मैं सीबीआई से बदला लेना चाहता था।”
मुर्मू ने अपनी कार्रवाई को “पौराणिक न्याय” के रूप में बताया और कहा, “जैसे भगवान राम ने अन्याय के खिलाफ धनुष उठाया था, वैसे ही मैंने भी उठाया।”
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने मुर्मू के खिलाफ हत्या के प्रयास और सरकारी कर्मचारी पर हमला करने का मामला दर्ज किया है। उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस अब 1993 के मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या मुर्मू के आरोप सही हैं।
ASI वीरेंद्र सिंह की स्थिति
हमले के बाद ASI वीरेंद्र सिंह को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को स्थिर बताया। यदि तीर थोड़ा और दाहिने दिशा में लगता, तो यह प्रमुख धमनियों या हृदय को भी प्रभावित कर सकता था। फिलहाल, वे चिकित्सीय निगरानी में हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है।
CCTV फुटेज
घटना की सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि मुर्मू ने पेड़ के पीछे से बाहर आते हुए पहले तीर चलाया, जो सिंह के सीने में धंस गया। इसके बाद वह सिंह का पीछा करते हुए दो और तीर चलाता है, लेकिन वे निशाने से चूक जाते हैं। सुरक्षा कर्मी मुर्मू को पकड़ने में सफल होते हैं, जिससे और कोई जनहानि नहीं होती।
यह घटना न केवल सीबीआई कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे एक व्यक्ति वर्षों पुरानी नाराजगी के कारण हिंसा का सहारा ले सकता है। पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके

