शिक्षक और छात्र कक्षा में पढ़ाई करते हुए, पृष्ठभूमि में CBSE बोर्ड और 'Three Language Policy' का शैक्षणिक ग्राफिक, बिना किसी चैनल लोगो या वॉटरमार्क के।
CBSE थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर शिक्षा मंत्री का बड़ा फैसला, छात्रों को 10वीं तक राहत।

CBSE थ्री लैंग्वेज पॉलिसी | 10वीं तक विदेशी भाषा जारी रखने की मिली राहत, शिक्षा मंत्री ने किया बड़ा ऐलान


सीबीएसई के लाखों छात्रों और अभिभावकों के लिए CBSE थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे छात्रों को बीच में अपनी विदेशी भाषा बदलने की जरूरत नहीं होगी। नई CBSE थ्री लैंग्वेज पॉलिसी केवल उन विद्यार्थियों पर लागू होगी, जो कक्षा 6 में नया प्रवेश लेंगे। शिक्षा मंत्री ने बताया कि जो छात्र पहले से दो विदेशी भाषाओं का अध्ययन कर रहे हैं, वे कक्षा 10 तक उसी व्यवस्था के तहत पढ़ाई जारी रख सकते हैं। इस संबंध में सीबीएसई जल्द संशोधित दिशा-निर्देश जारी करेगा, ताकि स्कूलों और छात्रों के बीच किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।

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नई CBSE थ्री लैंग्वेज पॉलिसी के तहत 22 भारतीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का उद्देश्य मातृभाषा और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना है। साथ ही, सीबीएसई शिक्षकों और अध्ययन सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा नई शिक्षा नीति के तहत स्किल एजुकेशन पर भी विशेष जोर दिया गया है। कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को हर वर्ष 110 घंटे का स्किल मॉड्यूल पूरा करना होगा। वहीं कक्षा 9 और 10 में कौशल विकास से जुड़े विषयों में भाग लेना अनिवार्य रहेगा, जबकि 11वीं और 12वीं में यह वैकल्पिक होगा।

FAQ

Q1. CBSE थ्री लैंग्वेज पॉलिसी किस पर लागू होगी?
यह नीति केवल कक्षा 6 में नए प्रवेश लेने वाले छात्रों पर लागू होगी।

Q2. क्या वर्तमान छात्र विदेशी भाषा बदलेंगे?
नहीं, वर्तमान में पढ़ रहे छात्र कक्षा 10 तक अपनी विदेशी भाषा जारी रख सकते हैं।

Q3. नई नीति में स्किल एजुकेशन का क्या प्रावधान है?
कक्षा 6 से 8 तक 110 घंटे का स्किल मॉड्यूल और कक्षा 9-10 में कौशल विकास अनिवार्य होगा।

Prem Chand | Akhbaar Ekta