इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंच से संबोधित करते हुए, पृष्ठभूमि में इजरायल का झंडा, सुरक्षा से जुड़े प्रतीक और मध्य पूर्व का मानचित्र, जो ट्रंप, ईरान और लेबनान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव को दर्शाता है।
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि देश के सुरक्षा हित किसी भी बाहरी दबाव से ऊपर हैं।

नेतन्याहू ट्रंप बयान | ‘अमेरिकी दबाव में नहीं, इजरायल के हित सबसे पहले’, ईरान-लेबनान मुद्दे पर दो टूक


इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का हालिया नेतन्याहू ट्रंप बयान वैश्विक राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने साफ कहा कि इजरायल अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों से समझौता नहीं करेगा और किसी भी देश के दबाव में फैसले नहीं लेगा। सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन दोनों ने राफाह में सैन्य कार्रवाई को लेकर चेतावनी दी थी, लेकिन इजरायल ने अपने हितों को प्राथमिकता दी।

नेतन्याहू ने कहा कि यदि हथियारों की आपूर्ति रुक भी जाती, तब भी इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाता। उन्होंने ईरान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन राइजिंग लायन का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने ट्रंप से अनुमति नहीं मांगी थी, बल्कि केवल अपनी रणनीति की जानकारी साझा की थी। उनके अनुसार, ईरान की ओर से लगातार मिल रही धमकियों को नजरअंदाज करना संभव नहीं था। वहीं लेबनान-इजरायल सीमा पर अमेरिकी समर्थन वाले प्रस्ताव पर बातचीत जारी है। हालांकि नेतन्याहू ने संकेत दिए कि फिलहाल इजरायली सेना की वापसी नहीं होगी। दक्षिणी लेबनान में हालिया ड्रोन हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मध्य पूर्व की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।

FAQ

Q1. नेतन्याहू ने ट्रंप को लेकर क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने कहा कि इजरायल अपने फैसले अमेरिकी दबाव में नहीं बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार लेता है।

Q2. ऑपरेशन राइजिंग लायन क्या है?
उत्तर: यह ईरान के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई का नाम है, जिसका उल्लेख नेतन्याहू ने अपने भाषण में किया।

Q3. लेबनान सीमा पर तनाव क्यों बना हुआ है?
उत्तर: इजरायल और हिजबुल्ला के बीच जारी संघर्ष तथा हालिया ड्रोन हमलों के कारण सीमा पर तनाव बरकरार है।

Prem Chand | Akhbaar Ekta