फ्रांस के एक शहरी क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच खाली सड़क, तेज धूप, डिजिटल तापमान डिस्प्ले पर 45°C और गर्मी से बचाव करते बुजुर्ग नागरिकों का यथार्थवादी दृश्य।
फ्रांस में भीषण हीटवेव के दौरान 45 डिग्री तापमान ने जनजीवन प्रभावित किया।

फ्रांस हीटवेव | 45 डिग्री तापमान के बीच 1000 से अधिक अतिरिक्त मौतें, बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित


फ्रांस में जारी फ्रांस हीटवेव ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, भीषण गर्मी की इस लहर के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में 1,000 से अधिक अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं। कई क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जिससे सबसे अधिक असर बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ा।पब्लिक हेल्थ फ्रांस ने बताया कि रेड अलर्ट वाले इलाकों में हालात सबसे गंभीर रहे। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, मृतकों में लगभग 85 प्रतिशत लोग 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के थे। खासतौर पर पेरिस और उसके आसपास के इले-डी-फ्रांस क्षेत्र में घरों के भीतर होने वाली मौतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

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विशेषज्ञों का कहना है कि फ्रांस हीटवेव केवल एक मौसमी घटना नहीं है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का संकेत भी है। सरकार ने नागरिकों से अधिक पानी पीने, दोपहर में धूप से बचने और अकेले रहने वाले बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। रविवार को तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिली, लेकिन स्वास्थ्य एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम आंकड़ों में मौतों की संख्या और बढ़ सकती है। फ्रांस हीटवेव ने एक बार फिर दुनिया को चरम मौसम की गंभीर चुनौती का एहसास कराया है।

FAQ

प्रश्न 1: फ्रांस हीटवेव में कितनी अतिरिक्त मौतें हुईं?
उत्तर: शुरुआती आंकड़ों के अनुसार 1,000 से अधिक अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं।

प्रश्न 2: सबसे ज्यादा प्रभावित कौन हुआ?
उत्तर: 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हुए।

Prem Chand | Akhbaar Ekta