गुजरात में गुजरात पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में बच्चों को पोलियो की दवा की बूंदें पिलाकर की। इस राज्यव्यापी अभियान का उद्देश्य पांच वर्ष से कम आयु के 83.49 लाख से अधिक बच्चों को पोलियो से सुरक्षा प्रदान करना है। सरकार ने इसके लिए पूरे राज्य में व्यापक तैयारियां की हैं ताकि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, गुजरात पल्स पोलियो अभियान के तहत 32,997 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। अभियान की निगरानी के लिए 6,599 सुपरवाइजर और 65,994 स्वास्थ्य टीमें तैनात की गई हैं।
पहले दिन निर्धारित बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। इसके बाद अगले दो दिनों तक स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर उन बच्चों को वैक्सीन देंगे जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके। स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने कहा कि यह अभियान राष्ट्रीय पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने सभी छोटे बच्चों को समय पर पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं। गांधीनगर जिले में अकेले 1.58 लाख से अधिक बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 746 बूथ, 103 मोबाइल टीमें और पांच ट्रांजिट टीमें तैनात की गई हैं, जो बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, ईंट-भट्टों और निर्माण स्थलों तक पहुंचकर बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी।
FAQ
प्रश्न 1: गुजरात पल्स पोलियो अभियान का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: पांच वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को पोलियो की दवा देकर उन्हें पोलियो संक्रमण से सुरक्षित रखना।
प्रश्न 2: इस अभियान में कितने बच्चों को शामिल किया जाएगा?
उत्तर: पूरे गुजरात में 83.49 लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी।
प्रश्न 3: अभियान कितने दिनों तक चलेगा?
उत्तर: यह अभियान तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें पहले दिन बूथों पर और बाद में घर-घर जाकर टीकाकरण किया जाएगा।

