ईरान-अमेरिका टकराव एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। अमेरिका ने हाल ही में अपने सैन्य अभियान “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के खत्म होने का ऐलान किया है। हालांकि, इस घोषणा के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि अमेरिका अब किसी नए युद्ध की स्थिति नहीं चाहता। लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि शांति के लिए Iran को परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी शर्तें माननी होंगी।
इस बीच, Strait of Hormuz संकट का बड़ा केंद्र बना हुआ है। यह मार्ग दुनिया की तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम है। यहां कई जहाज फंसे हुए हैं और हजारों नाविकों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
ईरान-अमेरिका टकराव का असर अब वैश्विक बाजार पर भी दिखने लगा है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और व्यापार पर असर साफ नजर आ रहा है। अमेरिका ने चीन से भी इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की अपील की है।
हालांकि, दोनों देशों के बीच संघर्षविराम जारी है, लेकिन भरोसे की कमी के कारण तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. ईरान-अमेरिका टकराव का मुख्य कारण क्या है?
A. इसका मुख्य कारण परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर विवाद है।
Q2. होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है?
A. यह दुनिया के तेल और गैस सप्लाई का प्रमुख समुद्री मार्ग है।
Q3. क्या यह टकराव खत्म हो गया है?
A. नहीं, सैन्य अभियान खत्म हुआ है, लेकिन तनाव अभी भी जारी है।

