भारत सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत कर रहा है और शिंकुन ला टनल इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। यह सुरंग हिमाचल प्रदेश और लद्दाख को जोड़ने वाली है। 15,800 फीट की ऊंचाई पर बन रही यह टनल दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सुरंग होगी।
शिंकुन ला टनल का निर्माण Border Roads Organisation (BRO) द्वारा किया जा रहा है। यह परियोजना ‘प्रोजेक्ट योजक’ के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य निमू-पदम-दारचा सड़क को हर मौसम में चालू रखना है। इस टनल की लंबाई लगभग 4.1 किलोमीटर होगी और इसमें हर 500 मीटर पर क्रॉस पैसेज बनाए जाएंगे, ताकि आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकासी हो सके।
इस परियोजना की कुल लागत करीब 1681 करोड़ रुपये है और इसके अगस्त 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। शिंकुन ला टनल बनने के बाद सेना की आवाजाही तेज होगी, जिससे चीन सीमा पर रणनीतिक मजबूती मिलेगी। साथ ही, लद्दाख क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. शिंकुन ला टनल कहां बन रही है?
यह टनल हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बीच शिंकुन ला दर्रे के नीचे बन रही है।
Q2. शिंकुन ला टनल की ऊंचाई कितनी है?
यह लगभग 15,800 फीट की ऊंचाई पर बन रही है।
Q3. इस टनल को कौन बना रहा है?
इसका निर्माण Border Roads Organisation (BRO) कर रहा है।
Q4. शिंकुन ला टनल कब तक पूरी होगी?
इसका काम अगस्त 2028 तक पूरा होने की संभावना है।
Q5. इसकी लागत कितनी है?
इस परियोजना पर लगभग 1681 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

