मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि भू-प्रबंधन व भू-सुधार कानून से भूमि खरीद के नाम पर हो रहे दुरुपयोग पर रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक तीन हजार चार सौ एकड़ से अधिक वन भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई है, जिससे प्रदेश की इकोलॉजी और इकॉनमी दोनों को संरक्षण मिला है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!श्री धामी ने बताया कि राज्य में अब आवासीय परियोजनाओं के लिए 250 वर्ग मीटर तक की भूमि खरीद पर शपथ पत्र अनिवार्य होगा। गलत जानकारी देने पर भूमि, सरकार में निहित कर दी जाएगी। औद्योगिक भूमि खरीद की अनुमति भी अब केवल राज्य सरकार ही देगी।
गौरतलब है कि प्रदेश में विभिन्न प्रयोजन के लिये अब तक एक हजार आठ सौ तिरासी भूमि खरीद की अनुमतियां दी गई हैं, जिनमें 599 भू-उपयोग उल्लंघन पाए गए। 572 मामलों में कानूनी कार्यवाही हो चुकी है, और लगभग साढे नौ हेक्टेयर भूमि सरकार में निहित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून प्रदेश की जनसांख्यिकी और मूल अस्तित्व को बनाए रखने के लिए लाया गया है।

